हमारी हकीकत (Reality) सिर्फ मल्टीवर्स (Multiverse) की वजह से हो सकती है!
Our Reality Might Only Exist Because of the Multiverse
क्या हमारी दुनिया असली है या सिर्फ अनगिनत संभावनाओं में से एक? एक नए अध्ययन के अनुसार, हमारा क्लासिकल (Classical) यथार्थ क्वांटम (Quantum) दुनिया से उभरता है, लेकिन इसमें एक ट्विस्ट (Twist) है!
श्रॉडिंगर की बिल्ली (Schrödinger’s Cat) और क्वांटम पहेली
श्रॉडिंगर की बिल्ली एक मशहूर विचार प्रयोग (Thought Experiment) है, जिसमें एक बिल्ली एक बंद डिब्बे में होती है। यह तब तक ज़िंदा और मरी हुई दोनों हो सकती है, जब तक कोई उसे खोलकर देख नहीं लेता।
इसका मतलब यह है कि क्वांटम स्तर पर चीजें एक ही समय में कई अवस्थाओं में हो सकती हैं—लेकिन हम रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ऐसा नहीं देखते।
कई दुनियाओं की थ्योरी (Many Worlds Interpretation)
कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि जब कोई विकल्प (Choice) बनता है, तो ब्रह्मांड (Universe) दो हिस्सों में बंट जाता है—एक जहाँ बिल्ली ज़िंदा होती है और दूसरा जहाँ वह मर चुकी होती है।
अगर यह सच है, तो इसका मतलब होगा कि हर चुनाव (Decision) एक नया ब्रह्मांड बनाता है, और अनगिनत समानांतर (Parallel) दुनियाएँ मौजूद हैं।
क्लासिकल दुनिया कैसे बनी?
हमारा रोज़मर्रा का जीवन क्लासिकल फिजिक्स (Classical Physics) के नियमों पर चलता है, जहाँ चीजें स्पष्ट होती हैं—कोई भी चीज़ एक ही समय में दो जगह नहीं हो सकती।
तो सवाल उठता है, अगर सब कुछ क्वांटम से शुरू होता है, तो हमारी क्लासिकल दुनिया कैसे बनी?
नया अध्ययन क्या कहता है?
वैज्ञानिकों ने एक नया अध्ययन किया, जिसमें उन्होंने क्वांटम सिस्टम (Quantum System) का 50,000 अलग-अलग ऊर्जा स्तरों (Energy Levels) तक सिमुलेशन (Simulation) किया।
उन्होंने पाया कि जैसे-जैसे चीजें बड़ी होती जाती हैं, वे धीरे-धीरे एक ही वास्तविकता (Single Reality) में आ जाती हैं।
मतलब, हम जिस दुनिया में जी रहे हैं, वह क्वांटम से छनकर बनी हुई एक स्थिर (Stable) दुनिया है।
क्या मल्टीवर्स असली है?
यह अध्ययन पुष्टि (Confirm) नहीं करता कि मल्टीवर्स वास्तव में मौजूद है या नहीं, लेकिन यह दिखाता है कि हमारी दुनिया एक क्वांटम नींव (Quantum Foundation) से बनी हुई है।
शायद हमारे हर चुनाव से एक नई दुनिया बनती हो, लेकिन हम सिर्फ एक ही नतीजा (Outcome) देख पाते हैं।
तो क्या हम दो जगह हो सकते हैं?
वैज्ञानिकों का कहना है कि बड़े पैमाने पर ऐसा होना लगभग नामुमकिन (Impossible) है, क्योंकि क्लासिकल नियम (Classical Rules) बहुत तेजी से अन्य संभावनाओं को खत्म कर देते हैं।
लेकिन फिर भी, यह सवाल बना रहेगा—क्या कहीं कोई और ब्रह्मांड (Universe) है, जहाँ आपके फैसले (Decisions) अलग थे?
आपका क्या ख्याल है? क्या मल्टीवर्स असली हो सकता है?
0 Comments